
दर्शन कर प्रफुल्लित हुआ हृदय
“यह केवल पत्थर के टुकड़े नहीं, बल्कि हमारी अटूट सनातन आस्था और अजेय संस्कृति के जीवंत प्रमाण हैं। हजार साल बाद भी इस दिव्य स्वरूप के दर्शन पाना साक्षात महादेव की कृपा है।” — श्रीमती रेणुका गोस्वामी (वैष्णवाचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी कि पत्नी)
इंदौर। लगभग 1000 वर्ष पूर्व आक्रांता महमूद गजनवी द्वारा गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर पर किए गए हमले और गर्भगृह के दिव्य शिवलिंग को खंडित किए जाने का इतिहास सर्वविदित है। लेकिन सदियों पुराने उस काले अध्याय से जुड़ा एक ऐसा अलौकिक रहस्य आज इंदौर में उजागर हुआ, जिसने सनातन धर्म प्रेमियों को भाव-विभोर कर दिया।
विगत 1000 वर्षों से संत-ऋषियों द्वारा अत्यंत गोपनीय और सुरक्षित रखे गए सोमनाथ शिवलिंग के मूल अंशों के आज साक्षात दर्शन हुए।
इंदौर के पंडित सौरभ दुबे ने कराए अलौकिक अंशों के दर्शन
इंदौर के पंडित सौरभ दुबे के पास संरक्षित इन अति-दुर्लभ और दिव्य शिवलिंग के अंशों के दर्शन आज वृंदावन के सुप्रसिद्ध श्री राधारमण मंदिर के प्रमुख पुजारी, प्रख्यात वैष्णवाचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रेणुका गोस्वामी जी को कराए गए।
विनाश के उस क्रूर दौर में भी हमारे पूज्य संतों ने अपनी दूरदर्शिता और साधना के बल पर इन पवित्र अंशों को सुरक्षित बचाए रखा था। आज सदियों बाद जब ये अंश श्री पुंडरीक गोस्वामी जी के समक्ष आए, तो माहौल पूरी तरह भक्तिमय और अलौकिक हो गया।
शिवलिंग के इन अलौकिक अंशों के दर्शन करने के पश्चात वैष्णवाचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी और श्रीमती रेणुका गोस्वामी जी का हृदय अति प्रफुल्लित और आनंदित हो उठा। उन्होंने इस क्षण को अपने जीवन के सबसे सौभाग्यशाली पलों में से एक बताया।
सदियों तक संतों की साधना में गुप्त रहे इस इतिहास और दिव्य अंशों के इंदौर में हुए इस दर्शन की चर्चा अब पूरे धर्म जगत में कौतूहल और श्रद्धा का विषय बनी हुई है।



