
बंगाल विजय के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मिले थे कैलाश विजयवर्गीय। (फाइल फोटो)
- प. बंगाल में जीत की नींव रखने वाले कैलाश विजयवर्गीय को केंद्र दे सकता है बड़ा मौका
भोपाल, ब्यूरो। प. बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद मध्य प्रदेश शासन के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर सियासत की बड़ी सुर्खियों में नजर आ रहे हैं।
हाल ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ दिल्ली में मंत्री विजयवर्गीय की मुलाकात के बाद से सियासी गलियारों में नए सिरे से अटकलों का दौर चल पड़ा है।
यह कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में बीते विधानसभा चुनाव के दौरान प्रभारी के रूप में कैलाश विजयवर्गीय ने केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जो जमीन तैयार की थी उसके आधार पर भाजपा इस बार इतने बड़े बहुमत के साथ सत्ता के शीर्ष तक पहुंची है।
अब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व कैलाश विजयवर्गीय उनकी मेहनत का प्रतिसाद दे सकता है। ऐसे में विजयवर्गीय को जल्द ही बड़ी भूमिका दिए जाने की चर्चा जोरों पर है।
- मध्य प्रदेश से राज्यसभा में भेजे जा सकते हैं विजयवर्गीय
- विजयवर्गीय को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को आने वाले समय में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। सूत्रों की मानें तो जून में खाली होने वाली राज्यसभा सीट के लिए मध्य प्रदेश से कैलाश विजयवर्गीय को मौका मिल सकता है।
इससे पहले भी कई बार राज्यसभा सीट के लिए विजयवर्गीय का नाम चला था, लेकिन इस बार ऐसा लगता है कि विजयवर्गीय को केंद्रीय संगठन राज्यसभा भेज सकता है।
गौरतबल है कि पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने कैलाश विजयवर्गीय को प्रभारी बना कर राज्य में भाजपा के संगठन के विस्तार के साथ ममता बनर्जी के शासन से मुकाबले की जिम्मेदारी सौंपी थी। मंत्री विजयवर्गीय ने टीएमसी के कैडर और ममता सरकार के दबाव के बावजूद अपने संगठनात्मक कौशल से बूथ लेवल तक भाजपा के विस्तार में अहम भूमिका निभाई थी।
इसका नतीजा था कि भाजपा ने इस चुनाव 77 सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर प्रमुख विपक्षी दल के रूप में राज्य में खुद को स्थापित कर लिया था।



