
- इंदौर में जल संकट या धीमा जहर ? कांग्रेस के जल सर्वे में सनसनीखेज खुलासा: 98% पानी के सैंपल फेल, पीने के पानी में सीवरेज की मिलावट
इंदौर। स्वच्छता में लगातार नंबर वन रहने वाले इंदौर शहर से एक बेहद डरावनी और चिंताजनक खबर सामने आई है। इंदौर की जनता के घरों में नलों के माध्यम से जो पानी पहुंच रहा है, वह शुद्ध जल नहीं बल्कि ‘धीमा जहर’ साबित हो रहा है। कांग्रेस द्वारा करवाए गए एक वैज्ञानिक ‘जल सर्वे’ और लैब रिपोर्ट ने शहर के स्वास्थ्य दावों की पोल खोल कर रख दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर के घरों में सप्लाई होने वाले
98 प्रतिशत पानी के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह फेल पाए गए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस जल सर्वे की अधिकृत रिपोर्ट को सार्वजनिक करते हुए नगर निगम और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
240 में से 235 सैंपल फेल, ‘ई-कोलाई’ बैक्टीरिया की पुष्टि
इस वैज्ञानिक सर्वे के लिए इंदौर के 7 विधानसभा क्षेत्रों के 29 अलग-अलग वार्डों से पानी के 240 नमूने (सैंपल्स) इकट्ठा किए गए थे। इन सैंपलों की जांच देश की प्रतिष्ठित ‘यूनिग्लोब एनालिटिका’ लैब में कराई गई।
जब इस लैब की रिपोर्ट सामने आई, तो वैज्ञानिकों और जानकारों के रोंगटे खड़े हो गए:
98% सैंपल फेल : कुल 240 सैंपलों में से लगभग 235 सैंपल पीने योग्य नहीं पाए गए।
सीवरेज की मिलावट : पानी में ‘ई-कोलाई’ (E. coli) और ‘कोलीफॉर्म’ बैक्टीरिया की भारी मात्रा मिली है।
सीधा खतरा : मेडिकल साइंस के मुताबिक, पानी में इन बैक्टीरिया की मौजूदगी इस बात का सीधा प्रमाण है कि पीने के पानी की लाइनों में सीवरेज (गंदे नाले) का पानी मिक्स हो रहा है।
इंदौर की जनता को परोसा जा रहा ‘धीमा जहर’: जीतू पटवारी
रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार और इंदौर नगर निगम को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
“यह बेहद खतरनाक और डराने वाली स्थिति है। स्वच्छता का ढिंढोरा पीटने वाले शहर में जनता को पीने के पानी के नाम पर सीवरेज युक्त दूषित पानी पिलाया जा रहा है। यह सीधे तौर पर इंदौर के नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है और उन्हें धीमा जहर देने जैसा है। प्रशासन को तुरंत इस पर जवाब देना होगा और युद्ध स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।”
क्या हैं स्वास्थ्य जोखिम
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पानी में ‘ई-कोलाई’ और ‘कोलीफॉर्म’ बैक्टीरिया का होना बेहद घातक है। इसके कारण शहर में निम्नलिखित बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं:
- पेट में गंभीर संक्रमण, उल्टी और दस्त (Gastroenteritis)
- टायफाइड और पीलिया (Hepatitis A & E)
- किडनी पर असर और इम्यून सिस्टम का कमजोर होना
जनता में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद इंदौर की जनता में डर और भारी आक्रोश का माहौल है। नागरिकों का कहना है कि टैक्स देने के बाद भी अगर उन्हें सीवरेज मिला पानी पीना पड़ रहा है, तो यह नगर निगम की सबसे बड़ी लापरवाही है।
अब देखना यह होगा कि इस डरावनी रिपोर्ट के सामने आने के बाद इंदौर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग क्या कदम उठाता है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर लाखों लोगों की जिंदगी और सेहत से जुड़ा हुआ है।



