
- शराब दुकान के ऊपर ओर बाजू में चल रहे अवैध अहाते, ठेकेदारों संरक्षण,आबकारी विभाग मौन
आमला से संवाददाता नितिन खातरकर की रिपोर्ट
आमला। शराब ठेके के साथ अवैध रूप से अहातों का संचालन किया जा रहा है। कुछ दुकानदार बाकायदा बैठने की व्यवस्था कर रहे हैं, तो कुछ ठेलों के माध्यम से जरूरी सामग्री जैसे नमकीन, पानी, गिलास आदि उपलब्ध करवा रहे हैं ताकि ग्राहक दुकान के आस-पास ही बैठकर शराब का सेवन कर सकें। आमला के बस स्टैंड शराब दुकान के ऊपर एवं बोडखी शराब दुकान के बाजू में अवैधरूप से अहाते संचालित हो रहे है
2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शराब दुकानों के पास अहातों पर पाबंदी लगाई थी। सरकार का मकसद था शराब के खुले उपभोग को हतोत्साहित करना और सामाजिक व्यवस्था को बिगड़ने से बचाना। शुरुआती दौर में आबकारी विभाग ने नियमों को लागू करने में सख्ती दिखाई, लेकिन समय के साथ ये नियम धरातल पर बेमानी साबित होने लगे।

प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल
जब राज्य सरकार ने साफ तौर पर अहातों पर पाबंदी लगा रखी है, तो फिर ये अवैध संचालन किसकी अनुमति से चल रहे हैं। लोगों का सवाल है कि क्या यह स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत का मामला है या नियमों की अनदेखी करने वाली एक संगठित व्यवस्था।
2017 से पहले सरकार को शराब दुकानों के साथ-साथ अहातों से भी बड़ा राजस्व मिलता था, लेकिन पाबंदी के बाद यह स्रोत बंद हो गया। अब न तो सरकार को इसका लाभ मिल रहा है, और न ही समाज इस व्यवस्था से सुरक्षित है।
इस पूरी स्थिति ने सरकार के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, या तो वह अहातों को वैध रूप से पुनः शुरू करे, जिससे नियंत्रण और राजस्व दोनों सुनिश्चित हो सकें। या फिर अवैध संचालन करने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई कर कानून का शासन स्थापित करे।
इस विषय पर जब आबकारी विभाग आमला के निरीक्षक राजेश वट्टी से 8463028407 इस नम्बर पर चर्चा करनी चाही तो उन्होंने कॉल अटेंड नही किया।



