
भाजपा अजा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रहते संपूर्ण प्रदेश में अजा वर्ग के कार्यकर्ताओं को किया एक्टिव
मोर्चा का संगठन प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में मजबूत करने का मिला पुरस्कार
डॉ.जाटव की राजनीतिक यात्रा बहुत लंबी रही है, संघ के स्वयंसेवक से शुरुआत करके निरंतर अपने वर्ग के लोगों के उत्थान हेतु कार्य करने वाले नेता के रूप में पहचान बनाई है।
- 2003 में भाजपा अ.जा मोर्चा के प्रदेश मंत्री,
- 2005 में प्रदेश उपाध्यक्ष,
- 2008 में प्रदेश महामंत्री,
- 2013 में गोटेगांव से पहली बार विधायक,
- 2018 में दूसरा चुनाव लड़ा हारे,
- 2021 में मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष चुने गए,
प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए उनकी सक्रियता इस एक बात से नापी जा सकती है कि उन्होंने 2 माह में हिंसापूर्ण मध्यप्रदेश का दौरा पूर्ण कर लिया था। उन्होंने मोर्चा का काम उन जिलों में भी खड़ा किया जहां अनुसूचित जाति वर्ग के कार्यों का कोई अस्तित्व नहीं दिखाई देता था।
भाजपा संगठन ने उन्हें आयोग का अध्यक्ष बनाकर उनकी इस सक्रियता को सम्मान दिया है और साबित किया कि भाजपा में अंतिम पंक्ति में कार्य कर रहे व्यक्ति पर भी संगठन की नजर रहती है।




