
- प्रदेश सरकार की कैबिनेट में बदले जा सकते हैं कई मंत्री,
- नए चेहरों को मिल सकता है मौका,
- फिर शुरू हुई मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कहा जा रहा है कि जल्द ही मोहन कैबिनेट का विस्तार हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले दो दिनों में मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकों और वन-टू-वन चर्चाओं के जरिए उनके कामकाज की समीक्षा की है। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमंडल में बदलाव किए जा सकते हैं। हालांकि विस्तार को लेकर अभी कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं।
दरअसल, मोहन सरकार में तीन कैबिनेट मंत्रियों के पद खाली हैं। ऐसे में ये कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। चर्चा इस बात की भी है कि कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं। सियासी गलियारों में यह बात भी घूम रही है कि मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकों और वन-टू-वन चर्चाओं के बाद रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कम परफॉर्मेंस करने वाले कुछ मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है।
शुरू हुई सियासी बयानबाजी
मंत्रिमंडल विस्तार और परफॉर्मेंस समीक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार की समीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते कहा कि यह रिव्यू केवल दिखावा है,बीजेपी में परफॉर्मेंस मंत्री बनने का कोई आधार नहीं है, बल्कि जो व्यक्ति पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और संघ विचारधारा से मेल खाएगा, वही मंत्रिमंडल में स्थान बनाने में कामयाब होगा।
वहीं भाजपा के प्रदेश मंत्री लोकेंद्र पाराशर का कहना है कि संगठन जब कोई जिम्मेदारी देता है तो उसका रिव्यू जरूर करता है और होना भी चाहिए, उसी से आपकी आगामी भूमिका तय होती है।



