
- 10 हजार नई स्ट्रीट लाइटों की तैयारी, 28 मई को खुलेगा टेंडर
- स्मार्ट स्ट्रीट लाइट सिस्टम से बदलेगी शहर की तस्वीर, एलईडी और सीसीएमएस तकनीक से करोड़ों की बचत
इंदौर। पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में नगर पालिक निगम मुख्यालय में विद्युत विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निगम अपर आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, नई लाइटों की स्थापना, सीसीएमएस तकनीक, गार्डन लाइटिंग, सोलर अभियान, गेटेड कॉलोनियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में हाईमास्ट स्थापना जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
1.42 लाख स्ट्रीट लाइटों का संचालन, 10 हजार नई लाइटें लगेंगी
बैठक में अधिकारियों द्वारा महापौर को जानकारी देते हुए कहा कि शहर में वर्तमान में लगभग 1 लाख 42 हजार स्ट्रीट लाइटें स्थापित हैं, जिनका संचालन विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से किया जा रहा है। शहर के अंधेरे क्षेत्रों को रोशन करने के लिए 10 हजार नई स्ट्रीट लाइटें लगाने की विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है।पूर्व में टेंडर जारी किया गया था, लेकिन संबंधित ठेकेदार द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने के कारण उसे निरस्त कर दिया गया। अब नया टेंडर जारी किया गया है, जिसे 28 मई को खोला जाएगा।
10 हजार खाली विद्युत पोलों पर जल्द लगेंगी लाइटें
बैठक में शहर के लगभग 10 हजार ऐसे विद्युत खंभों की स्थिति की समीक्षा की गई, जिन पर अभी एलईडी स्ट्रीट लाइट में परिवर्तित नहीं किया गया हैं। महापौर ने निर्देश दिए कि इन सभी खंभों पर प्राथमिकता के आधार पर एलईडी लाइटें लगाने का काम किया जाए
सीसीएमएस तकनीक से 100% स्मार्ट नियंत्रण
अधिकारियों ने महापौर को जानकारी देते हुए बताया कि Centralized Control and Monitoring System (CCMS) के तहत लगभग सभी स्ट्रीट लाइटें मोबाइल आधारित नियंत्रण प्रणाली से जोड़ दी गई हैं। इस तकनीक के माध्यम से लाइटों को किसी भी समय दूरस्थ रूप से ऑन-ऑफ किया जा सकता है तथा उनका संचालन समय निर्धारित किया जा सकता है।जिस पर महापौर ने कहा कि विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे तकनीकी नवाचारों की जानकारी आम जनता तक पहुंचना भी उतना ही आवश्यक है। इसके लिए किसी एक विधानसभा क्षेत्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
24 घंटे जलने वाली लाइटों में भारी कमी
आंकड़ों के अनुसार शहर में पहले 20,872 स्ट्रीट लाइटें ऐसी थीं जो 24 घंटे लगातार जलती रहती थीं। विभागीय प्रयासों से यह संख्या घटकर लगभग 5,300 रह गई है। शेष लाइटों को भी शीघ्र स्मार्ट प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
311 हेल्पलाइन पर सबसे अधिक शिकायतें सूर्या एजेंसी से
बैठक में बताया गया कि Surya से संबंधित स्ट्रीट लाइटों को लेकर 311 हेल्पलाइन पर सर्वाधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एजेंसी प्रतिनिधियों को बुलाकर शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
तीन एजेंसियों के जिम्मे शहर की लाइट व्यवस्था
वर्तमान में शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का संचालन तीन प्रमुख एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है
- GE Electrical लगभग 48,500 लाइटें
- Surya -लगभग 15,400 लाइटें
- अन्य एजेंसी -लगभग 578 लाइटें
गार्डनों की लाइट व्यवस्था 10 दिनों में पूर्ण
महापौर ने शहर के उद्यानों में लाइटों की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश गार्डनों में मेंटेनेंस कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य अगले 10 दिनों में पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे गर्मी के मौसम में आने वाले नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
22 मालवा वाटिकाओं का एक साथ उद्घाटन
महापौर ने अपर आयुक्त को निर्देश दिए कि 22 मालवा वाटिकाओं के लंबित कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जाए ताकि सभी का एक साथ उद्घाटन किया जा सके।
गेटेड कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की होगी समीक्षा
महापौर ने बैठक में जानकारी लेते हुए कहा कि 2019 से पूर्व विकसित गेटेड कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटों और बिजली बिल की स्थिति की जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके लिए पार्षदों से उनके वार्ड की कॉलोनियों, कर भुगतान और पृथक विद्युत मीटर संबंधी जानकारी मांगी जाएगी।ताकि इस पर आगे की योजना तैयार की जा सकें जो निगम की जानकारी के मुताबिक ठीक होंगे उनको निगम की योजना अनुसार स्ट्रीट लाईट का बिल नगर निगम भरेगा।
अव्यवस्थित केबल हटाने के निर्देश
शहर में खंभों पर अव्यवस्थित रूप से लगी केबलों को हटाने के कार्य की समीक्षा करते हुए महापौर ने कहा कि किसी एक सड़क को मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, जहां सभी अनावश्यक केबल पूरी तरह हटाई जा चुकी हों, ताकि नागरिकों को बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
सोलर अभियान को मिलेगा नया विस्तार
महापौर ने सौर ऊर्जा अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसी एक कॉलोनी को मॉडल बनाकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए और जिन कॉलोनियों ने सोलर ऊर्जा अपनाई है, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए।
*29 गांवों में हाईमास्ट स्थापना का कार्य प्रगति पर*
बैठक में बताया गया कि 29 गांवों में हाईमास्ट लाइट लगाने की योजना के तहत 19 गांवों में कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 10 गांवों में भी अगले कुछ दिनों में कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि विद्युत विभाग केवल तकनीकी रूप से ही नहीं, बल्कि जनसंपर्क के स्तर पर भी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि “काम ऐसा हो जो जनता को स्पष्ट रूप से दिखाई दे और शहर को आधुनिक, ऊर्जा दक्ष तथा शिकायत-मुक्त बनाया जा सके।”
नगर निगम द्वारा तैयार की गई यह व्यापक कार्ययोजना इंदौर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को अधिक आधुनिक, स्मार्ट और ऊर्जा-कुशल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 10 हजार नई स्ट्रीट लाइटों, सीसीएमएस आधारित नियंत्रण प्रणाली, एलईडी रूपांतरण, सोलर अभियान और ग्रामीण क्षेत्रों में हाईमास्ट स्थापना से आने वाले महीनों में शहर की रोशनी व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।



