इंदौर के डेली कॉलेज में जारी विवाद को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस

इंदौर के डेली कॉलेज में जारी विवाद को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस 

विक्रम सिंह पंवार बोले- हम खुली डिबेट के लिए तैयार, सबूतों के साथ आएं हम देंगे जवाब

डेली कॉलेज में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स अध्यक्ष विक्रम सिंह पंवार ने आरोपों को गलत बताया और खुली डिबेट की चुनौती दी। उन्होंने कहा संदीप पारेख कॉलेज की छवि खराब कर रहे हैं।

इंदौर से संवाददाता आशीष जवखेडकर की रिपोर्ट

इंदौर। डेली कॉलेज में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चुनाव के पहले शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को हुए प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को डेली कॉलेज बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष विक्रम सिंह पंवार ने प्रेस कांफ्रेंस रखी। इसमें उन्होंने कहा कि हम पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह पूरी तरह गलत हैं।

हम खुली डिबेट के लिए तैयार हैं। इसमें वे सबूतों के साथ आएं, हम जवाब देंगे। हमने प्रदर्शन करने वाले सदस्यों को शुक्रवार को चर्चा के लिए बुलाया था, लेकिन कोई भी नहीं आया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के सदस्य संदीप पारेख डेली कॉलेज की छवि खराब करने का कार्य कर रहे हैं।

हर पांच वर्ष में चुनाव के पहले गतिविधियां सामने आती हैं। आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार लिमिट क्रास कर इंस्टाग्राम पर वाइस ऑफ डीसी पेज बनाया था। इसके कारण देश के अलावा विदेश में भी डेली कॉलेज का नाम खराब होना शुरू हुआ है।

इन्होंने कार्टून कैरेक्टर के माध्यम से डेली कॉलेज की छवि खराब करने का काम किया है। बोर्ड सदस्य, प्राचार्य, शिक्षकों के बारे में अश्लील पोस्ट डाली गई हैं। धर्म के खिलाफ भी पोस्ट डाली गई। सिख समाज को भी ठेस पहुंचाने का काम किया है। सोसायटी का कहना है कि एफआईआर वापस नहीं ली जाएगी।

आरोपों पर पंवार के जवाब

आरोप- बोर्ड सदस्य संदीप पारेख सहित अन्य पर एफआईआर करना गलत है ?

जवाब- इन्होंने वाइस आफ डीसी के नाम से इंस्टाग्राम पर पेज बनाया। इसमें बोर्ड के सदस्य, शिक्षकों के संबंध में अश्लील पोस्ट डाली गई। इसके साथ ही कॉलेज की छवि भी खराब की। इसलिए ऐसा किया गया है।

आरोप- संविधान बदलकर ओल्ड डेलियन से वोट करने का अधिकार छीन रहे ?

जवाब – ओल्ड डेलियन के दो इलेक्शन होते हैं। एक ओडीए की बाडी का होता है। उसी वोटर लिस्ट से दो बोर्ड सदस्य के लिए होते हैं। हमने जब पूरा आकलन किया, पांच वर्ष में चुनाव के दौरान गंदगी होती है, इसे खत्म करना है। मैं डबल इलेक्शन को सिंगल कर रहा हूं। दो इलेक्शन होते हैं, उसकी वोटर लिस्ट एक ही होती है। डेली कॉलेजके अंदर जो चुनाव होते हैं, उन्हें खत्म करके जो बाहर ओडीए के होंगे। ओल्ड डेलियन एसोसिएशन का अध्यक्ष और सचिव चुन सकते हैं। वे आटोमिक बोर्ड में आ जाएंगे।

आरोप- डेली कॉलेज की प्राचार्य दो स्कूलों में काम कर रही हैं, इससे ग्राफ गिर रहा है ?

जवाब – स्कूल की प्राचार्य ग्रामीण क्षेत्र में एक डीपीएस हैं, उसमें डायरेक्टर हैं। चार वर्ष पहले इंटरव्यू लिया था, तब उन्होंने बता दिया था। छह-आठ माह में एक बार वहां जाकर मैनेजमेंट देखती हैं।

आरोप- पहली बार रिटायर्ड जज को बनाया चुनाव अधिकारी।

जवाब- चुनाव अधिकारी आखिरी बोर्ड मीटिंग में तय कर लिया गया है। रिटायर्ड हाईकोर्ट जज सुशील गुप्ता को बनाया गया है। अब जल्द ही चुनाव शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। इसके पहले हम कलेक्टर को पत्र लिखकर देते थे और वह एसडीएम को चुनाव अधिकारी बनाकर भेजते थे।

चुनाव के साल कम होते हैं एडमिशन

पंवार ने बताया कि हर पांच वर्ष में जब भी चुनाव आते हैं, हमारे डेली कॉलेज के एडमिशन कम हो जाते हैं। क्योंकि इस दौरान नेगेटिव पब्लिसिटी होती है। ओल्ड डेलियन एसोसिएशन (ओडीए) और डेली कॉलेज (डीसी) सोसायटी अलग-अलग हैं। दोनों का अधिकार क्षेत्र एक-दूसरे पर नहीं होता है। ओडीए ने अभी तक अपना आफिसियल बयान नहीं दिया है। न्यू डोनर सदस्य हरपाल भाटिया ने बताया कि ओडीए से बात की है। वाइस आफ डीसी बनाया गया। इस संबंध में संदीप पारेख से भी बात हुई है, लेकिन उन्होंने मना किया कि हमने ऐसा नहीं किया है।

जो प्रदर्शन करने आए थे, वे डर्टी पालिटिक्स कर रहे हैं

हमारे एलुमिनाई की पांच हजार से अधिक संख्या है, लेकिन कुछ लोग हैं, जो ओडीए का टीशर्ट पहनकर प्रदर्शन ऐसा कर रहे हैं। जो प्रदर्शन करने आए, वे डर्टी पालिटिक्स को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रहे हैं। प्रदर्शन का कोई तथ्य नहीं था। वे गलत तरीके से आए। चार को आने की अनुमति थी, लेकिन करीब 30 लोग आए। प्राचार्य के सामने मांगें रखीं। जबकि वह सिर्फ एक एम्प्लाई हैं।

बोर्ड सदस्य संदीप पारेख के कई आरोप और सवाल आते हैं। हमने उनसे कहा कि बोर्ड की परचेस और कंस्ट्रक्शन की सब कमेटी बना रहे हैं। आप इसको हेड करें ताकि आपको लग रहा है कि गलत हो रहा है तो समस्या को बताएं लेकिन उन्होंने मना कर दिया। तीन बार ओपन डिबेट के लिए भी आमंत्रित कर चुका हूं। प्रदर्शन के संबंध में चुनाव अधिकारी तक शिकायत जा चुकी है, वह चाहे तो कार्रवाई कर सकते हैं।

मेरे अंकल हैं संदीप पारेख – विक्रम सिंह पंवार

पंवार ने बताया कि संदीप पारेख सहित अन्य से निवेदन है कि भ्रामक जानकारी न फैलाएं। वे मेरे अंकल हैं, परिवार के जैसे संबंध हैं। पिता के साथ की बैच में पढ़े हैं। उनसे भी निवेदन है कि डेली कॉलेज का नाम खराब करने का अभियान जो चला रहे हैं, इसे बंद कर दें। इससे सभी का नुकसान होगा। जो चुनाव के लिए हरकतें कर रहे हैं, वे गलत हैं।

खुली डिबेट की बात हवाबाजी

प्रदर्शन में शामिल ओल्ड डेलियन राजेश अग्रवाल ने बताया कि यह मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं। ओडीए एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हमारे साथ हैं। यह संविधान में संशोधन कर रहे हैं, जबकि इसके लिए रजिस्ट्रार कार्यालय से मना कर दिया गया है। इसके बावजूद प्रस्ताव बनाया है। संदीप पारेख उनके खिलाफ बोल रहे थे, इसलिए ऐसा किया। हम सभी सदस्य उनके साथ हैं। खुली डिबेट की जो बात की जा रही है, वह सिर्फ हवाबाजी है। यह इस तरह से पब्लिसिटी कर रहे हैं।

ऐसे चुने जाते हैं बोर्ड के नौ सदस्य

  1. दो सदस्य सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं।
  2. फाउंडिंग मेंबर केटेगरी : ओल्ड डोनर के 60 परिवार हैं, जिन्होंने 155 साल पहले दान देकर डेली कॉलेज बनाया था। उनके परिवार वोट के माध्यम से दो सदस्य चुनते हैं।
  3. न्यू डोनर केटेगरी : इसमें 700 वोटर रहते हैं, यह वह होते हैं जिन्होंने अभी डेली कॉलेज में डोनेशन दिया है। इनके वोट से एक सदस्य चुना जाता है।
  4. ओल्ड डेलियन केटेगरी : इसमें 5500 वोटर रहते हैं, इनके वोट से दो सदस्य बनते हैं।
  5. पेरेंट केटेगरी : दो सदस्य इस माध्यम से आते हैं।
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Author: SS NEWS MP

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