तमिलनाडु में थलापति विजय का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता हुआ साफ, शाम को गवर्नर से मुलाकात

 

  • ना मंत्री पद चाहिए और ना सरकार में स्थान
  • थलापति विजय की का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता हुआ साफ,
  • शाम को गवर्नर से मुलाकात

चेन्नई। तमिलनाडु की सियासत में पिछले 48 घंटों से जारी सस्पेंस का अब हैप्पी एंडिंग वाला क्लाइमेक्स सामने आ गया है, जहां कल तक राजभवन की नो एंट्री ने थलापति विजय की धड़कनें बढ़ा रखी थीं, वहीं आज सीपीआई और सीपीएम के हथौड़े ने बहुमत की सारी बाधाएं तोड़ दी हैं।

सूत्रों की रिपोर्ट के मुताबिक वामपंथी दलों और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) के समर्थन के बाद विजय का कारवां 119 के आंकड़े पर पहुंच गया है, जो बहुमत के 118 के कांटे को पार कर चुका है

तमिलनाडु की बिसात पर शह और मात का खेल अब अपने अंतिम पड़ाव पर है, जहां कल तक राजभवन की ना ने सस्पेंस बढ़ा रखा था, वहीं आज लाल झंडे के साथ ने थलापति विजय के राजतिलक की राह साफ कर दी है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के बिना शर्त और माकपा (CPM) के बाहरी समर्थन ने वह जादुई पुल तैयार कर दिया है, जिस पर चलकर विजय सत्ता के गलियारे तक पहुंचेंगे।

सीटीआर निर्मल कुमार की कूटनीति रंग लाई और थली रामचंद्रन के हस्ताक्षर वाले समर्थन पत्र ने विजय के तरकश में वह आखिरी तीर दे दिया है, जिसकी कमी राज्यपाल खलने की बात कह रहे थे।

कांग्रेस की दोस्ती और कम्युनिस्टों के भरोसे के साथ अब तमिलनाडु में ‘द्रविड़ियन’ वर्चस्व के बीच एक नए ‘वेत्री’ (जीत) युग का आगाज होने जा रहा है।

आज शाम राजभवन में होने वाली मुलाकात महज औपचारिकता नहीं बल्कि एक नए इतिहास की दस्तक होगी, वामपंथी दलों और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) के समर्थन से विजय की अब तमिलनाडु विधानसभा में 119 सीटें हो गई हैं।

ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव 2026 में तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) ने डीएमके और एआईएडीएमके गठबंधन को पछाड़ते हुए 108 सीटें हासिल कीं, लेकिन बहुमत (118) से पीछे रह गई। जिनमें डीएमके को 59 और कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं। एनडीए ने 53 सीटें जीतीं, जबकि एआईएडीएमके को 47 और भाजपा को एक सीट मिली।

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Author: SS NEWS MP

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